Bihar Board class 10th math Formula all chapter wise PDF

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Bihar Board class 10th math formula इस पोस्ट में आपको सभी chapter के important formula मिलेंगे 

Bihar Board class 10th math formula – अध्याय 1 वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers) – सभी महत्वपूर्ण सूत्र

  1. यूक्लिड विभाजन प्रमेय (Euclid Division Lemma)

यदि a और b दो धनात्मक पूर्णांक हैं, तो ऐसे पूर्णांक q और r होंगे कि:

a = bq + r

जहाँ 0 ≤ r < b                                                                        Class 10 Math Notes देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

  1. यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म

दो संख्याओं का HCF निकालने के लिए बार‑बार Euclid Division Lemma का प्रयोग किया जाता है।

  1. HCF और LCM का संबंध

दो धनात्मक पूर्णांकों a और b के लिए:

HCF(a, b) × LCM(a, b) = a × b

  1. अभाज्य गुणनखंड विधि (Prime Factorization Method)

किसी संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में लिखना।

उदाहरण: 60 = 2² × 3 × 5                                                              Class 10 Math Notes देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

  1. परिमेय संख्या का दशमलव रूप

यदि हर (denominator) का अभाज्य गुणनखंड केवल 2 या 5 के रूप में हो, तो दशमलव समाप्त (Terminating) होगा।

यदि हर में 2 या 5 के अलावा अन्य अभाज्य संख्या हो, तो दशमलव अनंत आवर्ती (Non‑terminating recurring) होगा।

  1. समाप्त दशमलव की शर्त

यदि किसी परिमेय संख्या p/q (जहाँ q ≠ 0) का अभाज्य गुणनखंड 2^m × 5^n के रूप में है,

तो उसका दशमलव रूप समाप्त होगा।

Bihar Board class 10th math formula –  अध्याय 2: बहुपद (Polynomials) – सभी महत्वपूर्ण सूत्र

  1. बहुपद का सामान्य रूप

यदि p(x) = aₙxⁿ + aₙ₋₁xⁿ⁻¹ + … + a₁x + a₀, तो इसे बहुपद कहते हैं।

यहाँ n = बहुपद की घात (degree) होती है और aₙ ≠0                        Class 10 Math Notes देखने के लिए यहाँ क्लिक करें                  Class 10 Math Notes देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

  1. शून्यक (Zeroes) की परिभाषा

यदि p(x) में x = a रखने पर p(a) = 0 हो, तो a बहुपद का शून्यक कहलाता है।

  1. रैखिक बहुपद (Linear Polynomial)

p(x) = ax + b

शून्यक (Zero) = -b / a

  1. द्विघात बहुपद (Quadratic Polynomial)

p(x) = ax² + bx + c

यदि α और β इसके शून्यक हैं, तो:

α + β = -b / a

αβ = c / a

  1. द्विघात समीकरण का सूत्र

यदि ax² + bx + c = 0

x = (-b ± √(b² – 4ac)) / 2a

  1. घन बहुपद (Cubic Polynomial)

p(x) = ax³ + bx² + cx + d

यदि α, β, γ शून्यक हैं:

α + β + γ = -b / a

αβ + βγ + γα = c / a

αβγ = -d / a

  1. शेषफल प्रमेय (Remainder Theorem)

यदि बहुपद p(x) को (x – a) से भाग दें, तो शेषफल = p(a) होगा।

  1. गुणनखंड प्रमेय (Factor Theorem)

यदि p(a) = 0, तो (x – a) बहुपद का एक गुणनखंड होगा।

  1. महत्वपूर्ण बीजीय सूत्र

(a + b)² = a² + 2ab + b²

(a – b)² = a² – 2ab + b²

a² – b² = (a + b)(a – b)              Class 10 Math Notes देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

(a + b)³ = a³ + 3a²b + 3ab² + b³

(a – b)³ = a³ – 3a²b + 3ab² – b³

Bihar Board class 10th math formula –  पाठ 3: दो चर वाले रैखिक समीकरणों के युग्म – महत्वपूर्ण सूत्र

  1. दो चर वाले रैखिक समीकरण का सामान्य रूप

ax + by + c = 0

जहाँ a, b, c वास्तविक संख्याएँ हैं तथा a और b दोनों एक साथ शून्य नहीं होते।

  1. दो रैखिक समीकरणों के युग्म का सामान्य रूप

a₁x + b₁y + c₁ = 0

a₂x + b₂y + c₂ = 0

  1. ग्राफीय विधि (Graphical Method)

दोनों समीकरणों को ग्राफ पर रेखाओं के रूप में दर्शाया जाता है।

जहाँ दोनों रेखाएँ एक‑दूसरे को काटती हैं वही बिंदु (x, y) समाधान होता है।

  1. प्रतिस्थापन विधि (Substitution Method)

किसी एक समीकरण से x या y का मान निकालकर दूसरे समीकरण में रखकर हल किया जाता है।

  1. विलोपन विधि (Elimination Method)

दोनों समीकरणों को जोड़कर या घटाकर किसी एक चर (x या y) को समाप्त किया जाता है।

  1. क्रॉस गुणन विधि (Cross Multiplication Method)

यदि समीकरण हों:

a₁x + b₁y + c₁ = 0

a₂x + b₂y + c₂ = 0 तो:

x / (b₁c₂ − b₂c₁) = y / (c₁a₂ − c₂a₁) = 1 / (a₁b₂ − a₂b₁)

  1. हल की स्थितियाँ (Consistency of Pair of Linear Equations)

(i) यदि a₁/a₂ ≠ b₁/b₂ → एक अद्वितीय हल (Unique Solution)

(ii) यदि a₁/a₂ = b₁/b₂ = c₁/c₂ → अनंत हल (Infinite Solutions)

(iii) यदि a₁/a₂ = b₁/b₂ ≠ c₁/c₂ → कोई हल नहीं (No Solution)

Bihar Board class 10th math formula –  पाठ 4: द्विघात समीकरण – महत्वपूर्ण सूत्र

  1. द्विघात समीकरण का सामान्य रूप

ax² + bx + c = 0

जहाँ a, b, c वास्तविक संख्याएँ हैं और a ≠ 0

  1. द्विघात समीकरण के मूल (Roots) निकालने का सूत्र

x = (-b ± √(b² – 4ac)) / 2a

  1. विवर्तक (Discriminant) D = b² – 4ac
  2. विवर्तक के आधार पर मूलों की प्रकृति

(i) यदि D > 0 → दो भिन्न वास्तविक मूल

(ii) यदि D = 0 → दो समान वास्तविक मूल

(iii) यदि D < 0 → कोई वास्तविक मूल नहीं

  1. मूलों का योग (Sum of Roots)

यदि मूल α और β हैं:      α + β = -b/a

  1. मूलों का गुणनफल (Product of Roots) αβ = c/a
  2. मूलों से समीकरण बनाना

x² – (α + β)x + (αβ) = 0

Bihar Board class 10th math formula –पाठ 5: समांतर श्रेणी – महत्वपूर्ण सूत्र

  1. समांतर श्रेणी (AP) की परिभाषा

यदि किसी श्रेणी में प्रत्येक पद और उसके पिछले पद का अंतर समान हो, तो उसे समांतर श्रेणी कहते हैं।

यह समान अंतर ‘सामान्य अंतर (d)’ कहलाता है।

  1. AP का सामान्य रूप a, a + d, a + 2d, a + 3d, …
  2. nवाँ पद (nth Term) aₙ = a + (n − 1)d

जहाँ a = प्रथम पद, d = सामान्य अंतर, n = पद संख्या

  1. अंतिम पद (Last Term) l = a + (n − 1)d
  2. पहले n पदों का योग (Sum of n terms)

Sₙ = n/2 [2a + (n − 1)d]

  1. योग का दूसरा रूप Sₙ = n/2 (a + l)
  2. सामान्य अंतर निकालने का सूत्र d = a₂ − a₁

Bihar Board class 10th math formula –पाठ 6: त्रिभुज – महत्वपूर्ण सूत्र

  1. समान त्रिभुज (Similar Triangles)

यदि दो त्रिभुजों के सभी कोण बराबर हों और उनकी संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों, तो वे समान त्रिभुज कहलाते हैं।

  1. समानता की शर्त (AA)

यदि दो कोण बराबर हों तो त्रिभुज समान होते हैं।

  1. समान त्रिभुज का गुण

यदि ΔABC ~ ΔDEF

तो AB/DE = BC/EF = AC/DF

  1. पाइथागोरस प्रमेय

समकोण त्रिभुज में:

Hypotenuse² = Base² + Perpendicular²

c² = a² + b²

  1. पाइथागोरस प्रमेय का विलोम

यदि किसी त्रिभुज में c² = a² + b²

तो वह त्रिभुज समकोण त्रिभुज होगा

  1. मूल समानुपात प्रमेय (Basic Proportionality Theorem)

यदि त्रिभुज की एक भुजा के समानांतर रेखा खींची जाए जो अन्य दो भुजाओं को काटे,

तो वह उन्हें समान अनुपात में विभाजित करती है।

  1. समान त्रिभुजों के क्षेत्रफल का संबंध

Area1 / Area2 = (Side1 / Side2)^2

Bihar Board class 10th math formula –पाठ 7: निर्देशांक ज्यामिति– महत्वपूर्ण सूत्र

  1. दूरी सूत्र (Distance Formula)

यदि दो बिंदु A(x1, y1) और B(x2, y2) हों, तो दूरी:

AB = √((x2 – x1)^2 + (y2 – y1)^2)

  1. मध्य बिंदु सूत्र (Midpoint Formula)

यदि A(x1, y1) और B(x2, y2) हों, तो मध्य बिंदु M:

M = ((x1 + x2)/2 , (y1 + y2)/2)

  1. खंड सूत्र (Section Formula – Internal Division)

यदि बिंदु P, A(x1,y1) और B(x2,y2) को m:n के अनुपात में आंतरिक रूप से विभाजित करता है:

P = ((mx2 + nx1)/(m+n) , (my2 + ny1)/(m+n))

  1. खंड सूत्र (External Division)

P = ((mx2 – nx1)/(m-n) , (my2 – ny1)/(m-n))

  1. त्रिभुज का क्षेत्रफल (Area of Triangle using Coordinates)

यदि A(x1,y1), B(x2,y2), C(x3,y3) हों:

Area = 1/2 | x1(y2 – y3) + x2(y3 – y1) + x3(y1 – y2) |

  1. सह-रेखीय बिंदु (Collinear Points)

यदि तीन बिंदुओं से बने त्रिभुज का क्षेत्रफल 0 हो, तो वे बिंदु एक ही सीधी रेखा पर होते हैं।

Bihar Board class 10th math formula – पाठ 8: त्रिकोणमिति का परिचय – सभी आवश्यक सूत्र

1. समकोण त्रिभुज के भाग (Right Triangle Parts)              त्रिकोणमिति का formula PDF downloed- link click now 

बिहार बोर्ड कक्षा 10 गणित के सभी पाठ का सूत्र Formula chapterwise
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किसी समकोण त्रिभुज में:

  • कर्ण (Hypotenuse) = समकोण के सामने वाली सबसे बड़ी भुजा
  • आधार (Base) = कोण के पास वाली भुजा
  • लंब (Perpendicular) = कोण के सामने वाली भुजा

2. त्रिकोणमितीय अनुपात (Trigonometric Ratios)

  • sin θ = लंब / कर्ण • cos θ = आधार / कर्ण • tan θ = लंब / आधार
  • cosec θ = कर्ण / लंब • sec θ = कर्ण / आधार • cot θ = आधार / लंब

3. त्रिकोणमितीय अनुपातों के बीच संबंध

  • sin θ = 1 / cosec θ • cosec θ = 1 / sin θ • cos θ = 1 / sec θ
  • sec θ = 1 / cos θ • tan θ = 1 / cot θ • cot θ = 1 / tan θ

4. महत्वपूर्ण पहचान (Trigonometric Identities)

  • sin²θ + cos²θ = 1 • 1 + tan²θ = sec²θ • 1 + cot²θ = cosec²θ

5. महत्वपूर्ण कोणों के मान

कोण 30° 45° 60° 90°
sin θ 0 1/2 1/√2 √3/2 1
cos θ 1 √3/2 1/√2 1/2 0
tan θ 0 1/√3 1 √3 परिभाषित नहीं
cosec θ परिभाषित नहीं 2 √2 2/√3 1
sec θ 1 2/√3 √2 2 परिभाषित नहीं
cot θ परिभाषित नहीं √3 1 1/√3 0

6. याद रखने के आसान टिप्स

  • SOH → sin = Perpendicular / Hypotenuse (लंब / कर्ण)
  • CAH → cos = Base / Hypotenuse (आधार / कर्ण)
  • TOA → tan = Perpendicular / Base (लंब / आधार)

3. पूरक कोण के सूत्र (Complementary Angle Formulas)

  • sin(90° − θ) = cosθ • cos(90° − θ) = sinθ
  • tan(90° − θ) = cotθ • cot(90° − θ) = tanθ
  • sec(90° − θ) = cosecθ • cosec(90° − θ) = secθ

4. योग और अंतर के सूत्र (Addition and Subtraction Formulas)

  • sin(A + B) = sinA cosB + cosA sinB
  • sin(A − B) = sinA cosB − cosA sinB
  • cos(A + B) = cosA cosB − sinA sinB
  • cos(A − B) = cosA cosB + sinA sinB
  • tan(A + B) = (tanA + tanB) / (1 − tanA tanB)
  • tan(A − B) = (tanA − tanB) / (1 + tanA tanB)

5. दुगुना कोण सूत्र (Double Angle Formulas)

  • sin2A = 2 sinA cosA
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  • cos2A = cos²A − sin²A
  • cos2A = 1 − 2sin²A
  • cos2A = 2cos²A − 1
  • tan2A = (2tanA) / (1 − tan²A)

6. आधा कोण सूत्र (Half Angle Formulas)

  • sin²(A/2) = (1 − cosA) / 2
  • cos²(A/2) = (1 + cosA) / 2
  • tan(A/2) = sinA / (1 + cosA)
  • tan(A/2) = (1 − cosA) / sinA

7. Product to Sum Formulas

  • sinA sinB = 1/2 [cos(A − B) − cos(A + B)]
  • cosA cosB = 1/2 [cos(A − B) + cos(A + B)]
  • sinA cosB = 1/2 [sin(A + B) + sin(A − B)]

8. Sum to Product Formulas

  • sinA + sinB = 2 sin((A+B)/2) cos((A−B)/2)
  • sinA − sinB = 2 cos((A+B)/2) sin((A−B)/2)
  • cosA + cosB = 2 cos((A+B)/2) cos((A−B)/2)
  • cosA − cosB = −2 sin((A+B)/2) sin((A−B)/2)

Bihar Board class 10th math formula –  पाठ 10 – वृत्त (Circle) के सभी महत्वपूर्ण सूत्र

वृत्त की परिभाषा

वृत्त (Circle)
समतल में एक निश्चित बिंदु से समान दूरी पर स्थित सभी बिंदुओं का समुच्चय वृत्त कहलाता है।

निश्चित बिंदु = केन्द्र (Centre)
समान दूरी = त्रिज्या (Radius)

मुख्य भाग

केन्द्र (Centre)
वृत्त का मध्य बिंदु

त्रिज्या (Radius)
केन्द्र से वृत्त तक की दूरी

व्यास (Diameter)
वृत्त की सबसे बड़ी जीवा

सूत्र

व्यास = 2 × त्रिज्या

d=2rd = 2rd=2r

स्पर्शरेखा (Tangent)

स्पर्शरेखा वह रेखा है जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर स्पर्श करती है।

जिस बिंदु पर स्पर्श करती है उसे स्पर्श बिंदु (Point of Contact) कहते हैं।

महत्वपूर्ण प्रमेय (Important Theorem)

⭐ प्रमेय 1

स्पर्श बिंदु पर खींची गई त्रिज्या स्पर्शरेखा पर लंब होती है।

Radius⊥TangentRadius \perp TangentRadius⊥Tangent

⭐ प्रमेय 2

किसी बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्शरेखाएँ बराबर होती हैं।

यदि

PA और PB स्पर्शरेखाएँ हैं

तो

PA=PBPA = PBPA=PB

स्पर्शरेखा की लंबाई का सूत्र

यदि  OP = केन्द्र से बाहरी बिंदु की दूरी
OT = त्रिज्या
PT = स्पर्शरेखा

सूत्र

PT=OP2−r2PT = \sqrt{OP^2 – r^2}PT=OP2−r2​

यदि    OP = केन्द्र से बिंदु की दूरी
OT = त्रिज्या

तो

OP2=OT2+PT2OP^2 = OT^2 + PT^2OP2=OT2+PT2

यह पाइथागोरस प्रमेय से निकलता है।

याद रखने की ट्रिक

📌 व्यास = 2 × त्रिज्या

📌 स्पर्शरेखा ⟂ त्रिज्या

📌 बाहरी बिंदु से दोनों स्पर्शरेखाएँ बराबर

पाठ 11 – रचनाएँ (Constructions)

महत्वपूर्ण सूत्र और नियम

  1. रेखा खंड को दिए गए अनुपात में विभाजित करना

यदि रेखा खंड AB को m : n अनुपात में विभाजित करना हो, तो विभाजन बिंदु P होगा।

सूत्र

AP / PB = m / n

जहाँ
AP = पहला भाग
PB = दूसरा भाग

  1. पूरे रेखा खंड के सापेक्ष अनुपात

AP / AB = m / (m + n)

PB / AB = n / (m + n)

  1. समान त्रिभुज का सिद्धांत

यदि दो त्रिभुज समान (Similar) हैं, तो उनकी संगत भुजाएँ समान अनुपात में होती हैं।

AB / AC = AD / AE

यह संबंध रचनाओं में उपयोग किया जाता है।

  1. समान त्रिभुज बनाने का नियम

यदि किसी त्रिभुज के समान दूसरा त्रिभुज बनाना हो और अनुपात m : n हो, तो

नए त्रिभुज की भुजाएँ = मूल त्रिभुज की भुजाएँ × (m/n)

  1. त्रिभुज का विस्तार (Enlargement)

यदि नया त्रिभुज पुराने त्रिभुज से बड़ा बनाना हो

New Side / Old Side > 1

  1. त्रिभुज का संकुचन (Reduction)

यदि नया त्रिभुज पुराने त्रिभुज से छोटा बनाना हो

New Side / Old Side < 1

  1. त्रिभुज की समानता के नियम

(1) AAA नियम

यदि दो त्रिभुजों के तीनों कोण बराबर हों, तो वे समान होते हैं।

(2) SAS नियम

यदि दो भुजाएँ समान अनुपात में हों और उनके बीच का कोण बराबर हो।

(3) SSS नियम

यदि तीनों भुजाएँ समान अनुपात में हों।

  1. सबसे महत्वपूर्ण सूत्र

AP / PB = m / n

AP / AB = m / (m + n)

PB / AB = n / (m + n)

  1. याद रखने की ट्रिक

AP / PB = m / n

AP / AB = m / (m + n)

PB / AB = n / (m + n)

समान त्रिभुज के नियम – AAA, SAS, SSS

Bihar Board class 10th math formula – पाठ 12 – वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल

सभी महत्वपूर्ण सूत्र

  1. वृत्त का क्षेत्रफल

सूत्र:

A = πr²

जहाँ
A = क्षेत्रफल
r = त्रिज्या

  1. वृत्त की परिधि

सूत्र:

C = 2πr

या

C = πd

जहाँ
r = त्रिज्या
d = व्यास

  1. अर्धवृत्त (Semicircle) का क्षेत्रफल

सूत्र:

A = ½ πr²

  1. चतुर्थांश वृत्त (Quarter Circle) का क्षेत्रफल

सूत्र:

A = ¼ πr²

  1. चाप की लंबाई (Length of Arc)

सूत्र:

L = (θ / 360) × 2πr

जहाँ
θ = केंद्र पर बना कोण

  1. सेक्टर का क्षेत्रफल (Area of Sector)

सूत्र:

Area = (θ / 360) × πr²

  1. वलय (Ring) का क्षेत्रफल

यदि दो वृत्त हों और उनकी त्रिज्याएँ R और r हों।

सूत्र:

Area = π(R² − r²)

  1. चाप और सेक्टर के बीच संबंध

चाप की लंबाई / पूरे वृत्त की परिधि =
सेक्टर का क्षेत्रफल / पूरे वृत्त का क्षेत्रफल

  1. महत्वपूर्ण मान

π = 22/7

या

π = 3.14

  1. याद रखने की ट्रिक

वृत्त का क्षेत्रफल = πr²

परिधि = 2πr

सेक्टर क्षेत्रफल = (θ/360) × πr²

चाप लंबाई = (θ/360) × 2πr

Bihar Board class 10th math formula –  पाठ 13 – पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन

सभी महत्वपूर्ण सूत्र

  1. घन (Cube)

यदि भुजा = a

आयतन
V = a³

कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल
TSA = 6a²

पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल
LSA = 4a²

  1. घनाभ (Cuboid)

यदि
लंबाई = l
चौड़ाई = b
ऊँचाई = h

आयतन
V = l × b × h

कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल
TSA = 2(lb + bh + hl)

पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल
LSA = 2h(l + b)

  1. बेलन (Cylinder)

यदि
त्रिज्या = r
ऊँचाई = h

आयतन
V = πr²h

वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
CSA = 2πrh

कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल
TSA = 2πr(r + h)

  1. शंकु (Cone)

यदि
त्रिज्या = r
ऊँचाई = h
तिर्यक ऊँचाई = l

तिर्यक ऊँचाई का सूत्र

l = √(r² + h²)

आयतन

V = 1/3 πr²h

वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

CSA = πrl

कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल

TSA = πr(l + r)

  1. गोला (Sphere)

यदि त्रिज्या = r

आयतन

V = 4/3 πr³

पृष्ठीय क्षेत्रफल

SA = 4πr²

  1. अर्धगोला (Hemisphere)

यदि त्रिज्या = r

आयतन

V = 2/3 πr³

वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

CSA = 2πr²

कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल

TSA = 3πr²

  1. महत्वपूर्ण मान

π = 22/7

या

π = 3.14

  1. याद रखने की ट्रिक

Cube → a³

Cuboid → l × b × h

Cylinder → πr²h

Cone → 1/3 πr²h

Sphere → 4/3 πr³

Bihar Board class 10th math formula –  पाठ 14 – सांख्यिकी (Statistics)

सभी महत्वपूर्ण सूत्र

औसत (Mean)

 

(1) प्रत्यक्ष विधि (Direct Method)

 

 (2) कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method)

a = कल्पित माध्य

(3) चरण विचलन विधि (Step Deviation Method)

 

  1. संचयी आवृत्ति (Cumulative Frequency)

 

CF = पिछले सभी आवृत्तियों का योग

More than Type

CF = कुल आवृत्ति से घटाते हुए प्राप्त मान

माध्यिका (Median)

 

l = माध्यिका वर्ग की निचली सीमा
N = कुल आवृत्ति
cf = माध्यिका वर्ग से पहले की संचयी आवृत्ति
f = माध्यिका वर्ग की आवृत्ति
h = वर्ग चौड़ाई

बहुलक (Mode)

 

l = बहुलक वर्ग की निचली सीमा
(f_1) = बहुलक वर्ग की आवृत्ति
(f_0) = उससे पहले की आवृत्ति
(f_2) = उससे बाद की आवृत्ति
h = वर्ग चौड़ाई

  1. बहुलक और माध्यिका का संबंध
    Mode = 3Median – 2Mean

Bihar Board class 10th math formula –  पाठ 15 – प्रायिकता (Probability)

सभी महत्वपूर्ण सूत्र

  1. प्रायिकता की परिभाषा

किसी घटना के होने की संभावना को प्रायिकता (Probability) कहते हैं।

  1. प्रायिकता का मान

प्रायिकता का मान हमेशा 1 होता है।

  1. असंभव घटना

यदि घटना होना संभव नहीं है
P(E) = 0

  1. निश्चित घटना

यदि घटना निश्चित रूप से होगी
P(E) = 1

  1. पूरक घटना (Complementary Event)

यदि A एक घटना है, तो उसकी पूरक घटना
P{A}) = 1 – P(A)

  1. याद रखने की ट्रिक

प्रायिकता का मुख्य सूत्र

पूरक घटना
P {A}) = 1 – P(A)

  1. महत्वपूर्ण बातें

प्रायिकता कभी भी 0 से कम नहीं होती।

प्रायिकता कभी भी 1 से अधिक नहीं होती।

सभी संभावित परिणामों की संख्या को नमूना समष्टि (Sample Space) कहते हैं।

 

 

 

 

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